भगवतचरण वहर : हथयर और वचर क अदभत समनवयक
Rattachement africain : in. Niveau de preuve : code pays fourni par la source.
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क्रांति एक व्यापक अवधारणा है। यह केवल सशस्त्र संघर्ष तक सीमित नहीं है बल्कि एक व्यापक वैचारिक प्रक्रिया पर भी आधारित है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारी आंदोलन में जिस प्रकार का स्थान बम और पिस्तौल जैसे हथियारों का था; उसी प्रकार का महत्व क्रांतिकारी विचारधारा, वैचारिक स्पष्टता तथा संगठनात्मक दृष्टि का भी था। यद्यपि अधिकांश क्रांतिकारी इन दोनों पक्षों-हथियार और विचार- की दृष्टि से धनी थे तथापि कुछ ऐसे व्यक्तित्व भी थे जिन्होंने दोनों क्षेत्रों में असाधारण दक्षता का परिचय दिया और क्रांतिकारी आंदोलन को वैचारिक तथा व्यवहारिक दोनों स्तरों पर नई दिशा प्रदान की। इन व्यक्तियों में भगवती चरण वोहरा का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामान्यतः इनका स्मरण बम निर्माता अथवा संगठनकर्ता के रूप में स्मरण किया जाता है, किंतु इनका वास्तविक योगदान इससे कहीं अधिक व्यापक था। वे हिंदुस्तान सोशालिस्ट रिपब्लिकन ऐसोसिएशन के प्रमुख वैचारिक स्तंभों में से एक थे, जिन्होंने लेखन, संगठन तथा वैचारिक विमर्श के माध्यम से क्रांतिकारी आंदोलन की बौद्धिक आधारशिला को सुदृढ़ किया। उन्होंने लेखन के माध्यम से क्रांति की अवधारणा को केवल हिंसात्मक प्रतिरोध तक सीमित न रखकर उसे सामाजिक परिवर्तन, राजनीतिक स्वतंत्रता और समाजवादी पुनर्निर्माण से जोडने का प्रयास किया। प्रस्तुत शोध भगवतीचरण वोहरा के व्यक्तित्व के दो प्रमुख आयामों-हथियार और विचार - का विश्लेषण करता है। जहां एक ओर उन्होंने हिंदुस्तान सोशालिस्ट रिपब्लिकन ऐसोसिएशन के लिए विस्फोटक निर्माण रणनीति तथा संगठनात्मक कार्यों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी, वहीं दूसरी ओर 'द फिलॉसफी ऑफ द बम' और 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन ऐसोसिएशन के घोषणापत्र' जैसे दस्तावेजों के माध्यम से क्रांतिकारी आंदोलन का वैचारिक पक्ष प्रस्तुत किया । प्रस्तुत शोधपत्र ऐतिहासिक, विश्लेषणात्मक तथा व्याख्यात्मक पद्धति पर आधारित है।यह घोषणापत्रों,शोधपत्रों और समकालीन दस्तावेजों और द्वितीयक स्रोतों के आधार पर इस धारणा को चुनौती देता है कि भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन केवल भावनात्मक या हिंसात्मक प्रतिरोध तक सीमित था। इसके साथ ही यह स्थापित करने का प्रयास करता है कि भगवतीचरण वोहरा क्रांतिकारी आंदोलन के ऐसे प्रतिनिधि थे जिन्होंने कलम और पिस्तौल दोनों को समान महत्त्व देकर स्वतंत्रता संग्राम की वैचारिक एंव क्रियात्मक दिशा को नई ऊर्जा प्रदान की।
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- Titre Crossref
- भगवतीचरण वोहरा : हथियार और विचार के अद्भुत समन्वयक
- Date Crossref
- 01/08/2026
- Éditeur
- IJ Research Organization
- Type
- journal-article
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